तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट पर संकट: विधायक को मतदान से रोका गया
फ्लोर टेस्ट में विजय होंगे पास या फेल? HC ने TVK विधायक को विधानसभा जाने से रोका; सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
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मद्रास उच्च न्यायालय ने टीवीके विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को 17वीं विधानसभा में मतदान करने से रोक दिया है। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मच गई है।
- 01मद्रास उच्च न्यायालय ने टीवीके विधायक को मतदान से रोका।
- 02श्रीनिवास सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
- 03फ्लोर टेस्ट से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ी।
- 04श्रीनिवास सेतुपति ने केवल एक वोट से चुनाव जीता।
- 05मुख्यमंत्री विजय की सरकार को फ्लोर टेस्ट का सामना करना है।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को टीवीके विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को 17वीं विधानसभा में विश्वास मत सहित मतदान करने से रोक दिया है। यह आदेश द्रमुक के उम्मीदवार के.आर. पेरियाकरुप्पन द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने वोटों की पुनर्गणना की मांग की थी। श्रीनिवास सेतुपति ने चुनाव में 83,365 वोट प्राप्त किए, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले, जिससे वह केवल एक वोट के अंतर से विजेता बने। इस आदेश के बाद, श्रीनिवास सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, और इस मामले की मुख्य सुनवाई 20 मई को होगी। इससे पहले, सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को अपने फ्लोर टेस्ट का सामना करना है, जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होगा। यह स्थिति तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकती है।
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यह निर्णय तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, खासकर फ्लोर टेस्ट के समय।
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