शिव रतन अग्रवाल: 8वीं पास से बने 'बीकाजी' साम्राज्य के संस्थापक
8वीं पास शिव रतन अग्रवाल ने कैसे खड़ा किया ₹13,430 करोड़ का 'Bikaji' साम्राज्य? 'भुजिया किंग' बनकर दुनिया भर में छाए
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शिव रतन अग्रवाल, जो केवल 8वीं कक्षा तक पढ़े थे, ने बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल की स्थापना की और इसे ₹13,430 करोड़ का साम्राज्य बना दिया। उनका निधन 23 अप्रैल 2026 को चेन्नई में हुआ। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि मेहनत और विजन से शिक्षा की कमी भी सफलता में बाधा नहीं बनती।
- 01शिव रतन अग्रवाल ने 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की और फिर बीकाजी फूड्स की स्थापना की।
- 02उनका साम्राज्य ₹13,430 करोड़ का है, जो भुजिया और स्नैक्स में प्रमुख है।
- 03उन्होंने पारिवारिक बिजनेस हल्दीराम से अलग होकर अपना खुद का ब्रांड बनाया।
- 04बीकाजी का नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है।
- 05उनका नाम 2024 में फोर्ब्स अरबपतियों की सूची में शामिल हुआ।
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शिव रतन अग्रवाल, जो केवल 8वीं कक्षा तक पढ़े थे, ने बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल की स्थापना की और इसे ₹13,430 करोड़ का साम्राज्य बना दिया। उनका निधन 23 अप्रैल 2026 को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से हुआ। उन्होंने पारिवारिक बिजनेस हल्दीराम से अलग होकर 'शिवदीप फूड प्रोडक्ट्स' की शुरुआत की, जो बाद में बीकाजी बना। 1993 में उन्होंने अपने ब्रांड का नाम 'बीकाजी' रखा, जो बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित था। उनकी मेहनत और विजन ने उन्हें भारतीय स्नैक्स इंडस्ट्री में एक नई पहचान दिलाई। आज बीकाजी भारत की प्रमुख पैकेज्ड फूड कंपनियों में से एक है, जो दुनिया भर में करोड़ों लोगों की पसंद है। शिव रतन अग्रवाल की कहानी यह दर्शाती है कि शिक्षा की कमी भी सफलता में बाधा नहीं बन सकती।
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बीकाजी की सफलता ने भारतीय स्नैक्स उद्योग में नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ी है।
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