तेल की कमी: भारत पर होर्मुज ब्लॉकेड का असर
होर्मुज ब्लॉकेड के बीच खतरनाक लेवल पर तेल का स्टॉक! भारत पर कितना असर
Aaj Tak
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कच्चे तेल की कमी के संकेत दिखने लगे हैं, जिससे एशियाई अर्थव्यवस्थाओं, विशेषकर भारत, पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है। अमेरिका के शेवरॉन के CEO ने चेतावनी दी है कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल होगा।
- 01कच्चे तेल की कमी के संकेत मिलने लगे हैं।
- 02एशियाई अर्थव्यवस्थाएं, विशेषकर भारत, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी।
- 03रिफाइंड उत्पादों का स्टॉक तेजी से घट रहा है।
- 04मिडिल ईस्ट में संकट के कारण तेल आपूर्ति बाधित है।
- 05एविएशन सेक्टर में जेट फ्यूल की कमी से उड़ानें रद्द हो रही हैं।
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अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन के CEO माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की वास्तविक कमी अब सामने आने लगी है, जिसका प्रभाव सबसे पहले एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य में, तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, रिफाइंड उत्पादों का स्टॉक तेजी से घट रहा है, जो कि हवाई यात्रा और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला के लिए आवश्यक है। भारत, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और ताइवान जैसे देश इस कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। जेट फ्यूल की कमी के कारण कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द करनी शुरू कर दी हैं।
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यदि रिफाइंड उत्पादों की कमी बनी रहती है, तो भारत में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है और औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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