ललित मोदी ने शशि थरूर पर लगाए गंभीर आरोप, 16 साल पुरानी आईपीएल विवाद की कहानी
'रेड करवा दूंगा', 'ऐसी हिम्मत मत करना', शशि थरूर की वो एक कॉल...ललित मोदी ने खोला 16 साल पुराना राज!

Image: News 18 Hindi
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने 2010 के कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद में शशि थरूर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोदी ने दावा किया कि थरूर ने उन्हें सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न उठाने के लिए धमकाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ा।
- 01ललित मोदी ने कहा कि शशि थरूर ने उन्हें फोन कर सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न उठाने की सलाह दी थी।
- 02मोदी ने आरोप लगाया कि थरूर ने उन्हें समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया और कहा कि उनके घर पर रेड पड़ सकती है।
- 03कोच्चि आईपीएल टीम को लगभग 350 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था, लेकिन मोदी को कंसोर्टियम की संरचना में संदेह था।
- 04मोदी ने कहा कि जब तक उन्हें सुनंदा पुष्कर की हिस्सेदारी का कारण नहीं बताया गया, तब तक वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
- 05बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर ने मोदी को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला।
Advertisement
In-Article Ad
ललित मोदी, जो आईपीएल के पूर्व कमिश्नर हैं, ने हाल ही में 2010 के कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद पर खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शशि थरूर, जो उस समय केंद्रीय मंत्री थे, ने उन्हें फोन किया और सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न उठाने की सलाह दी। मोदी ने आरोप लगाया कि थरूर ने उन्हें धमकाया कि अगर उन्होंने इस मामले को आगे बढ़ाया, तो उनके घर पर रेड पड़ सकती है। मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने कंसोर्टियम की संरचना को लेकर संदेह व्यक्त किया था, जिसमें सुनंदा पुष्कर को 25% हिस्सेदारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें पुष्कर की भूमिका का स्पष्ट उत्तर नहीं मिला, तब तक वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। इसके बाद, बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने मोदी को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला। मोदी ने अंततः दबाव में आकर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
Advertisement
In-Article Ad
इस खुलासे से क्रिकेट जगत में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के मुद्दे पर चर्चा फिर से शुरू हो गई है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार का मुद्दा गंभीर है?
Connecting to poll...
More about बीसीसीआई
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







