गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई की जांच शुरू करने जा रहा वन विभाग
Gorakhpur News: वन विभाग की टीम कल से शुरू कर सकती है जांच

Image: Amar Ujala
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई के मामले में वन विभाग की टीम सोमवार से जांच शुरू कर सकती है। अप्रैल में 1192 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई थी, जिसमें एक हजार से अधिक सागौन के पेड़ शामिल हैं। छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया है।
- 01वन विभाग ने अप्रैल में 1192 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी थी।
- 02कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जांच के लिए वन विभाग से आग्रह किया था।
- 03छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि 2000 से 3000 पेड़ काटे जा चुके हैं।
- 04पिछले 10 दिनों में 600-800 पेड़ काटे जाने का अनुमान है।
- 05जांच के लिए वन विभाग ने एक समिति गठित की है।
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई के मामले में वन विभाग की टीम सोमवार से जांच शुरू कर सकती है। विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ों की कटाई की अनुमति अप्रैल में दी गई थी, जिसमें कुल 1192 पेड़ शामिल हैं, जिनमें से 1000 से अधिक सागौन के हैं। यह कार्य पीलीभीत की एक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। पिछले 10 दिनों में छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया है, और उनका आरोप है कि 2000 से 3000 पेड़ काटे जा चुके हैं। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन को देखते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने वन विभाग से जांच का आग्रह किया, जिसके बाद वन विभाग ने एक समिति का गठन किया। जांच टीम विभिन्न स्थानों पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कितने पेड़ वास्तव में काटे गए हैं।
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यह जांच स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पर्यावरण और विश्वविद्यालय परिसर में हरियाली को प्रभावित कर सकती है।
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