महिला आरक्षण बिल: INDIA गठबंधन की चुनौती और मोदी सरकार की रणनीति
महिला आरक्षण पर INDIA अलायंस शोर तो मचा रहा, लेकिन क्या सरकार को रोक पाएगा? किसके पास पास कितने नंबर
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भारत की संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। विपक्षी INDIA गठबंधन, जो इस बिल के खिलाफ है, का कहना है कि सरकार ने इसे परिसीमन से जोड़कर 2029 तक लटकाने की योजना बनाई है। क्या मोदी सरकार इस बिल को पास करा पाएगी?
- 01महिला आरक्षण बिल में 33% आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ा गया है।
- 02विपक्ष का आरोप है कि सरकार की नीयत में खोट है और इसे 2029 तक लटकाने की कोशिश की जा रही है।
- 03INDIA गठबंधन के पास 230 से 240 सांसद हैं, जो बिल को रोकने की क्षमता रखते हैं।
- 04सरकार को इस बिल को पास कराने के लिए 364 वोटों की आवश्यकता है, जबकि उनके पास केवल 293 सांसद हैं।
- 05विपक्ष का वॉकआउट सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति हो सकता है।
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भारत की संसद में आज से विशेष सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण बिल, जिसे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' भी कहा जाता है, पर चर्चा होगी। इस बिल में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने के कारण विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि INDIA गठबंधन इस बिल के खिलाफ वोट करेगा। विपक्ष का कहना है कि सरकार इस बिल को 2029 तक लटकाना चाहती है, जबकि उन्हें वर्तमान सीटों पर ही आरक्षण देना चाहिए। बिल को पास कराने के लिए सरकार को 364 वोटों की आवश्यकता है, लेकिन उनके पास केवल 293 सांसद हैं। अगर विपक्ष एकजुट होकर मतदान में भाग नहीं लेता, तो यह बिल पास नहीं हो पाएगा।
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यदि महिला आरक्षण बिल पास होता है, तो यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा।
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