हाई बीपी: 35 साल से कम उम्र के युवाओं में बढ़ता खतरा और इसके कारण
साइलेंट किलर बनता हाई बीपी: 35 साल से कम उम्र के युवाओं में क्यों बढ़ रहा है हाइपरटेंशन

Image: Ndtv
आजकल की जीवनशैली के कारण 35 साल से कम उम्र के युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, खराब जीवनशैली, तनाव, और अन्य कारणों से यह 'साइलेंट किलर' बनता जा रहा है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
- 01हाई ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि 90% लोग बिना लक्षणों के इससे ग्रस्त होते हैं।
- 0235 साल से कम उम्र के युवाओं में हाइपरटेंशन के प्रमुख कारणों में खराब जीवनशैली, तनाव, और जंक फूड का सेवन शामिल हैं।
- 03डॉक्टरों का कहना है कि 20-25 साल के युवाओं को साल में कम से कम दो बार अपना बीपी चेक करवाना चाहिए।
- 0465 साल से कम उम्र के वयस्कों के लिए सामान्य बीपी 130/80 से नीचे होना चाहिए।
- 05भारत में किडनी फेल होने की मुख्य वजहों में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज शामिल हैं।
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या 35 साल से कम उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टर टी. एस. क्लेर के अनुसार, हाई बीपी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि लगभग 90% लोग बिना किसी लक्षण के इससे ग्रस्त होते हैं। खराब जीवनशैली, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, जंक फूड का सेवन, और धूम्रपान जैसे कारक इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि युवाओं को साल में कम से कम दो बार अपना बीपी चेक करवाना चाहिए, ताकि भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे दिल की बीमारियां, अंधापन, और किडनी फेल्योर से बचा जा सके। सामान्य बीपी स्तर 18 साल से ऊपर के वयस्कों के लिए 130/80 से नीचे होना चाहिए। इस समय भारत में किडनी फेल होने की बड़ी वजहें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हैं।
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हाई ब्लड प्रेशर की बढ़ती समस्या युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, जिससे भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
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