भारत का सिंधु जल संधि पर नया रुख, पाकिस्तान को पानी नहीं मिलेगा
पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाएगी, अमित शाह खुद कर रहे निगरानी, सिंधु जल संधि पर भारत का नया रुख

Image: News 18 Hindi
भारत की मोदी सरकार ने सिंधु नदी प्रणाली से पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस मामले की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। इससे पाकिस्तान में पानी की किल्लत और बढ़ सकती है।
- 01सीआर पाटिल ने कहा कि सिंधु जल संधि को खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे रोक दिया गया है।
- 02गृह मंत्री अमित शाह इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
- 03भारत ने मध्यस्थता अदालत के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार किया है।
- 04पाकिस्तान में पानी की किल्लत बढ़ रही है, कराची में 70% हिस्से में पानी की आपूर्ति बाधित है।
- 05भारत ने कहा है कि वह संधि के तहत किसी भी फैसले को नहीं मानेगा।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मंगलवार को बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली से पानी की आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह संधि खत्म नहीं की गई है, बल्कि इसे रोक दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह इस मामले की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। पाटिल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पाकिस्तान को पानी की एक बूंद भी नहीं मिलेगी। यह बयान हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने मध्यस्थता अदालत के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह अदालत गैर-कानूनी तरीके से गठित की गई थी। इस बीच, पाकिस्तान में पानी की कमी की स्थिति गंभीर होती जा रही है, विशेषकर कराची में, जहां 70% हिस्से में पानी की आपूर्ति बाधित है।
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पाकिस्तान में पानी की किल्लत से नागरिकों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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