बिहार की शाही लीची की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की नई तकनीक
मुजफ्फरपुर की शाही लीची अब पांच दिनों तक नहीं होगी खराब, वैज्ञानिकों ने खोजा अनूठा तरीका

Image: Jagran
बिहार के मुजफ्फरपुर में वैज्ञानिकों ने 'माडिफाइड एटमास्फियर पैकेजिंग' तकनीक विकसित की है, जिससे शाही लीची की शेल्फ लाइफ दो दिन से बढ़कर पांच दिन हो गई है। इस तकनीक से लीची को बिना कोल्ड चेन के सामान्य तापमान पर सुरक्षित तरीके से दिल्ली भेजा जा सकता है, जिससे किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा।
- 01नई तकनीक 'माडिफाइड एटमास्फियर पैकेजिंग' का सफल ट्रायल किया गया है।
- 02लीची की शेल्फ लाइफ दो दिन से बढ़कर अब पांच दिन हो गई है।
- 03इस तकनीक का उपयोग बिना कोल्ड चेन के सामान्य तापमान पर किया जा सकता है।
- 04शाही लीची को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी है।
- 05किसानों और निर्यातकों को फसल का दोगुना मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
Advertisement
In-Article Ad
मुजफ्फरपुर, बिहार में राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र (NRCL) के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक 'माडिफाइड एटमास्फियर पैकेजिंग' विकसित की है, जिससे शाही लीची की शेल्फ लाइफ दो दिन से बढ़कर पांच दिन हो गई है। इस तकनीक का सफल परीक्षण किया गया है, जिसमें लीची को बिना कोल्ड चेन के सामान्य तापमान पर सुरक्षित तरीके से दिल्ली भेजा गया। NRCL के निदेशक डॉ. बिकास दास के अनुसार, पिछले चार वर्षों से इस तकनीक पर लगातार परीक्षण चल रहा था और अब इसे किसानों और व्यापारियों के बीच प्रचारित किया जाएगा। इस तकनीक की मदद से लीची की बर्बादी रुकेगी और किसानों को उनकी फसल का दोगुना मुनाफा मिलने की उम्मीद है। शाही लीची को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ी है। इस नई पैकेजिंग तकनीक के जरिए बिहार की लीची को देश के सुदूर राज्यों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
Advertisement
In-Article Ad
इस तकनीक से लीची की बर्बादी रुकेगी और किसानों को अधिक मुनाफा होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि यह नई तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद होगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

-1779634773811.webp&w=1200&q=75)


