बीएसएफ ने बांग्लादेशियों की मदद की, बीजीबी ने किया इनकार
BGB ने ठुकराया, BSF ने गले लगाया! मानसून की मार झेल रहे बांग्लादेशियों का सहारा बने भारतीय जवान

Image: Zee News
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में बीएसएफ ने मानसून की मार झेल रहे 10 बांग्लादेशियों को मदद की। ये लोग नो-मैन्स लैंड में फंसे थे, जबकि बांग्लादेश ने उन्हें वापस लेने से इनकार कर दिया। बीएसएफ ने उन्हें जलपाईगुड़ी के होल्डिंग सेंटर में आश्रय और खाना प्रदान किया।
- 0110 बांग्लादेशी नागरिक जलपाईगुड़ी में नो-मैन्स लैंड में फंसे थे।
- 02बीजीबी ने इन बांग्लादेशियों के दस्तावेज जब्त कर लिए थे और उन्हें वापस लेने से इनकार कर दिया।
- 03बीएसएफ ने परिवार को जलपाईगुड़ी के होल्डिंग सेंटर में स्थानांतरित किया।
- 04परिवार ने बंगाल सरकार की नई 'डिटेक्ट एंड डिपोर्ट' नीति के कारण सीमा पर आने का दावा किया।
- 05बीएसएफ ने बीजीबी से वेरिफिकेशन प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया।
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जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मानसून की बारिश से परेशान 10 बांग्लादेशियों की मदद की है, जो नो-मैन्स लैंड में फंसे हुए थे। ये लोग बांग्लादेशी बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) द्वारा दस्तावेज छीनने के बाद वापस नहीं लौट पाए थे। बीजीबी ने इन नागरिकों को वापस लेने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उनकी स्थिति और भी कठिन हो गई। बीएसएफ ने उन्हें जलपाईगुड़ी के एक होल्डिंग सेंटर में स्थानांतरित किया, जहां उन्हें आश्रय और भोजन प्रदान किया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब उनके अपने देश ने मदद नहीं की, तब भारत ने सुनिश्चित किया कि उन्हें और कठिनाई न हो। बीएसएफ ने बीजीबी से अनुरोध किया है कि वे परिवार को बांग्लादेश भेजने के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया को तेज करें।
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बीएसएफ की सहायता से बांग्लादेशियों को सुरक्षित आश्रय मिला है, जिससे उनकी कठिनाइयाँ कम हुई हैं।
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