मुंबई से ओमान तक: अभिषेक वैश्य की संघर्षपूर्ण सफलता की कहानी
पिता के साथ सड़क किनारे बेची सब्जी, मुश्किल से भरी स्कूल की फीस, अब CA बन विदेश में कर रहे तगड़ी कमाई

Image: News 18 Hindi
अभिषेक वैश्य, जो 13 साल की उम्र में अपने पिता के साथ सब्जी बेचते थे, अब ओमान में एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अपनी जिंदगी में बदलाव लाया और अपने माता-पिता को एक आलीशान घर दिया।
- 01अभिषेक वैश्य ने 13 साल की उम्र में अपने पिता के साथ सब्जी बेचकर काम करना शुरू किया।
- 02सीए बनने के लिए उन्होंने 16-18 घंटे पढ़ाई की और अंततः 2016 में सफल हुए।
- 0321 साल की उम्र में अभिषेक ने अपने माता-पिता को 1 करोड़ रुपये का 2BHK फ्लैट गिफ्ट किया।
- 04उन्होंने ओमान में अपनी पहली नौकरी में 1.5 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी पाई।
- 05अब वे ओमान और यूएई में अपनी खुद की सीए प्रैक्टिस फर्म चलाते हैं।
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अभिषेक वैश्य की कहानी संघर्ष और सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल है। मुंबई के विक्रोली में एक साधारण परिवार में जन्मे अभिषेक ने 13 साल की उम्र में अपने पिता के साथ सब्जी बेचने का काम शुरू किया। आर्थिक तंगी के बावजूद, उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। स्कूल की पढ़ाई के दौरान, उनके दोस्त रोहित ने उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) का कोर्स करने की सलाह दी। अभिषेक ने कठिन परिश्रम करते हुए 16-18 घंटे पढ़ाई की और 2016 में CA की परीक्षा पास की। 21 साल की उम्र में, उन्होंने अपने माता-पिता को एक आलीशान 2BHK फ्लैट उपहार में दिया। इसके बाद, उन्होंने ओमान में नौकरी शुरू की, जहां उनकी सैलरी 1.5 लाख रुपये प्रति माह थी। अब वे ओमान और यूएई में अपनी खुद की फर्म चला रहे हैं, जहां वे वित्तीय सलाहकार सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और लाखों कमा रहे हैं।
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अभिषेक वैश्य की सफलता ने कई युवाओं को प्रेरित किया है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से किसी भी स्थिति को बदला जा सकता है।
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