झारखंड में किसान ने लोन के दबाव में आत्महत्या की
झारखंड: लोन की EMI के लिए गिरवी रख दिया खेत, फिर भी दबाव बढ़ा तो पेड़ से झूल गया किसान

Image: Ndtv
झारखंड के गिरिडीह जिले में, 45 वर्षीय किसान मीतन दास ने ग्रुप लोन की ईएमआई का दबाव सहन न कर पाने के कारण आत्महत्या कर ली। आर्थिक तंगी और लोन रिकवरी एजेंटों के लगातार दबाव ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया था। इस घटना से परिवार में गहरा दुख है।
- 01मीतन दास ने आर्थिक तंगी के कारण खेत गिरवी रख दिया था।
- 02परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियाँ हैं।
- 03ग्रुप लोन के कर्मियों द्वारा मीतन पर दबाव बनाने का आरोप है।
- 04पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की।
- 05परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है।
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झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय किसान मीतन दास ने ग्रुप लोन की ईएमआई का दबाव सहन न कर पाने के कारण आत्महत्या कर ली। मीतन दास ने अपने खेत को गिरवी रख दिया था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह लोन की किस्त समय पर नहीं चुका पा रहे थे। लोन रिकवरी एजेंटों के लगातार दबाव ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। रविवार को मीतन ने घर के पास एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मीतन दास के परिवार में पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियाँ हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के पुत्र प्रदीप दास ने कहा कि उनके पिता पर लोन की किस्त भरने का दबाव बनाया जा रहा था। मुखिया पति भगीरथ मंडल और जिला परिषद सदस्य मुफ्ती मो सईद आलम ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है।
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इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आर्थिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है।
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