उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच मजदूरों की दयनीय स्थिति
भीषण गर्मी... गरीब के बुरे हाल! रोजी-रोटी के लिए मौसम की मार झेल रहा मजदूर
Aaj Tak
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उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, और दिल्ली में भीषण गर्मी ने गरीब मजदूरों की जिंदगी को कठिन बना दिया है। बिजली कटौती और अत्यधिक तापमान के बीच, मजदूर रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि अमीर वर्ग गर्मियों से बचने के लिए पहाड़ों की ओर निकल जाते हैं।
- 01उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
- 02दिल्ली के पहाड़गंज जैसे स्थानों पर मजदूर दिहाड़ी की उम्मीद में खड़े रहते हैं, लेकिन गर्मी में काम करने की मजबूरी है।
- 03मजदूरों को दिन में 200-300 रुपये कमाने के लिए भीषण गर्मी में काम करना पड़ता है।
- 04बिहार के फूल मोहम्मद जैसे मजदूर कई बार भूखे रहकर काम करते हैं।
- 05अमीर वर्ग गर्मियों में ठंडे कमरों में आराम करते हैं, जबकि गरीबों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी तपती धूप में काम करना पड़ता है।
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उत्तर भारत के कई राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, और दिल्ली, में भीषण गर्मी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है, और बिजली कटौती ने स्थिति को और खराब कर दिया है। गरीब मजदूर, जिनके पास न तो छत है और न कोई सहारा, रोज़ी-रोटी के लिए सूरज की तपिश से जूझ रहे हैं। दिल्ली के पहाड़गंज जैसे स्थानों पर, मजदूर दिहाड़ी की उम्मीद में खड़े रहते हैं, लेकिन गर्मी में काम करने की मजबूरी उन्हें मजबूर करती है। वे दिन में 200-300 रुपये कमाने के लिए कठिनाई सहते हैं, जबकि कई बार उन्हें भूखा रहकर काम करना पड़ता है। इस बीच, अमीर वर्ग गर्मियों में पहाड़ों की ओर निकल जाते हैं और ठंडे कमरों में आराम करते हैं। यह स्थिति न केवल मजदूरों के लिए कठिन है, बल्कि यह उनके परिवारों के लिए भी गंभीर समस्याएँ पैदा कर रही है।
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यह गर्मी मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर गंभीर प्रभाव डाल रही है, जिससे उनके परिवारों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।
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