बागलकोट में 18 महीने की बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने किए चमत्कारिक प्रयास
कानों में पढ़ीं आयतें, नमक के ढेर में रखा...18 महीने की मासूम की बुझती सांसों को लौटाने की कोशिश; चमत्कार की उम्मीद में परिजनों ने क्या-क्या किया?
Zee News
Image: Zee News
कर्नाटक के बागलकोट में 18 महीने की बच्ची अमीना की नाले में गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने उसे बचाने के लिए नमक के ढेर में रखा और कुरान की आयतें सुनाईं, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं हुईं।
- 01बच्ची अमीना नाले में गिरने से दम घुटने के कारण मृत घोषित हुई।
- 02परिजनों ने नमक में डुबोकर और कुरान की आयतें सुनाकर चमत्कार की उम्मीद की।
- 03डॉक्टरों ने बताया कि मेडिकल साइंस में नमक से जीवित करने का कोई दावा नहीं है।
- 04बच्ची के शव को नमक से बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम किया गया।
- 05यह घटना बागलकोट के नवनगर इलाके में हुई।
Advertisement
In-Article Ad
कर्नाटक के बागलकोट जिले के नवनगर इलाके में 18 महीने की बच्ची अमीना की मौत एक नाले में गिरने के कारण हो गई। परिजनों ने उसकी जान बचाने के लिए कई चमत्कारिक उपाय किए, जिसमें बच्ची के शव को नमक के ढेर में रखना शामिल था। उन्होंने यह भी सुना था कि नमक में रखने से बच्चा जीवित हो सकता है। इसके अलावा, माता-पिता ने बच्ची के कान के पास मोबाइल फोन पर कुरान की आयतें चलाकर भी रखीं, ताकि कोई चमत्कार हो सके। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें समझाया कि एक बार किसी को मृत घोषित करने के बाद उसे जीवित नहीं किया जा सकता। अंततः, बच्ची के शव को नमक से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम किया गया। यह घटना न केवल परिजनों के लिए दुखद है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे लोग अपने प्रियजनों को खोने के बाद चमत्कार की उम्मीद में अजीबोगरीब उपाय करते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में शोक और चर्चा का माहौल पैदा किया है।
Advertisement
In-Article Ad
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




