मणिपुर में एनआरसी संशोधन की मांग को लेकर हजारों लोगों का प्रदर्शन
'NRC में संशोधन नहीं तो जनगणना नहीं', मणिपुर में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Image: Jagran
मणिपुर में हजारों लोगों ने एनआरसी में संशोधन की मांग को लेकर रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनगणना तभी होगी जब एनआरसी में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की मांग की।
- 01रैली में 14 नागरिक संस्थाओं ने भाग लिया, जो इंफाल के टिड्डिम मैदान से शुरू होकर थाऊ मैदान तक गई।
- 02प्रदर्शनकारियों ने ‘एनआरसी संशोधन नहीं तो जनगणना नहीं’ जैसे नारे लगाए।
- 03आंदोलनकारियों के प्रवक्ता शांता नाहकपम ने केंद्र सरकार पर मणिपुर में एनआरसी कराने की अनिच्छा का आरोप लगाया।
- 04मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने निष्पक्ष जनगणना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
- 05रैली में अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की मांग की गई।
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मणिपुर में जनगणना से पहले, हजारों लोगों ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में संशोधन की मांग को लेकर रैली निकाली। यह रैली 14 नागरिक संस्थाओं द्वारा आयोजित की गई थी, जो इंफाल के टिड्डिम मैदान से शुरू होकर थाऊ मैदान पर समाप्त हुई। रैली में शामिल लोगों ने ‘मणिपुर की उपेक्षा न करें’ और ‘एनआरसी संशोधन नहीं तो जनगणना नहीं’ जैसे बैनर पकड़े हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने की मांग की। आंदोलनकारियों के प्रवक्ता शांता नाहकपम ने कहा कि भाजपा ने असम और बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाया था, और अब मणिपुर में भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मणिपुर में एनआरसी कराने की इच्छुक नहीं है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मार्च में निष्पक्ष जनगणना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था। प्रदर्शन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
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इस प्रदर्शन से मणिपुर में नागरिकता और जनगणना से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित होगा।
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