Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के शव का AIIMS में दूसरा पोस्टमॉर्टम, सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, CBI करेगी पर्दाफाश
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भोपाल. फिल्म अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा (33) की 12 मई 2026 को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. परिवार की लगातार गुहार और हाईकोर्ट के आदेश के बाद AIIMS दिल्ली की चार सदस्यीय फॉरेंसिक टीम रविवार को भोपाल में दोबारा पोस्टमॉर्टम करेगी. दरअसल उसकी शादी को महज 5 महीने हुए थे. सूत्रों के अनुसार शुरुआती पोस्टमॉर्टम में एंटीमॉर्टम हैंगिंग बताया गया लेकिन गले पर दो अलग-अलग लिगेचर मार्क्स और शरीर पर एंटीमॉर्टम इंजरीज ने पूरे मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को CJI की अगुवाई वाली बेंच में सुनवाई तय की है. भोपाल पुलिस को लेकर सामने आए तथ्यों और ट्विशा के परिवार के आवेदन पर मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश कर दी है. ट्विशा के परिजनों ने News18 को बताया कि हम तो पहले भोपाल पुलिस के पास गए थे, वहां उनका रवैया और जांच का तरीका देखा तो हमारा कानून व्यवस्था से विश्वास उठ गया. पुलिस ने हमसे बदतमीजी की, इसके बाद जब अफसरों से गुहार लगाई तो भी व्यवहार नहीं बदला. इसके बाद हमने पूर्व सैन्य अफसरों से गुहार लगाई और उनके साथ सीएम मोहन यादव से मुलाकात की. इस मामले में आरोपी सास को भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी और पुलिस उनसे एक सवाल तक नहीं पूछ पाई थी. ऐसे में हालातों ने सारे तथ्य सामने रखे और देश भर में ट्विशा को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू हो गई. इसी बीच मामला हाई कोर्ट पहुंच गया. अब सोमवार को माननीय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. समर्थ सिंह को 7 दिन पुलिस रिमांड, जबलपुर में ट्विशा के वकील ने पकड़ा भोपाल कोर्ट ने शनिवार को पति समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. जबलपुर कोर्ट में सरेंडर नहीं कर पाने के बाद समर्थ को ट्विशा परिवार के वकीलों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा था. उसके बाद उसे भोपाल लाया गया. भोपाल पुलिस इस केस में शुरू से ही सवालों के घेरे में है. पुलिस की जांच और ट्विशा के परिवार से उसकी बदतमीजी भी चर्चा में है. भोपाल पुलिस समर्थ को 10-11 दिनों तक तलाश करती रही, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई. वहीं इस मामले में आरोपी सास गिरिबाला से पुलिस आज तक पूछताछ नहीं कर पाई है. इन दोनों कमियों पर पुलिस कमिश्नर से जब मीडिया ने सवाल पूछें तो उन्होंने कहा कि हमने निष्पक्ष कार्रवाई की है. समर्थ सिंह से पूछताछ फेल, पुलिस को नहीं मिल पाया संतोषजनक जवाब भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह से पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है. सूत्रों के मुताबिक कस्टडी के दौरान पूछे गए कई अहम सवालों पर समर्थ सिंह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. वहीं कुछ जवाबों से जांच कर रही SIT भी पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई. पुलिस अब ट्विशा की मौत से पहले और बाद के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. बताया जा रहा है कि SIT समर्थ सिंह से उन 10 दिनों के बारे में भी लगातार पूछताछ कर रही है, जब वह अलग-अलग जगहों पर छिपा रहा. पुलिस यह जानना चाहती है कि उसे किन लोगों ने शेल्टर दिया और वह किन-किन स्थानों पर रुका. हालांकि पूछताछ के दौरान समर्थ कई सवालों से बचने की कोशिश करता दिखाई दिया. गले पर दो निशान और नीली लाश का राज पहली रिपोर्ट में गले पर दो समानांतर फंदे के निशान मिले जो सामान्य फांसी के मामलों से मेल नहीं खाते. परिवार का आरोप है कि ये निशान अलग-अलग फंदे या दबाव से हो सकते हैं. नीली पड़ चुकी लाश पर चेहरे की सूजन. कोहनी-जांघ पर नीले निशान और हाथों पर दबाव के चिह्न जांच का केंद्र हैं. क्या दोबारा पोस्टमॉर्टम से मिलेंगे 5 अहम जवाब? डबल लिगेचर मार्क. क्या एक ही फंदे से संभव या हत्या का संकेत. चोटों का समय. मौत से पहले मारपीट हुई या नहीं. हायॉइड बोन. फांसी में टूटने वाली हड्डी सुरक्षित क्यों. फंदे की देरी. नाइलॉन बेल्ट पोस्टमॉर्टम के समय क्यों गायब था. शव की स्थिति. 11 दिन बाद डिकंपोज्ड बॉडी कितनी सटीक जानकारी देगी. CBI जांच और ट्रिगर पॉइंट की तलाश मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश कर दी है. CBI का फोकस ट्विशा की मौत से पहले के ट्रिगर पॉइंट पर होगा. क्या कोई खास घटना हुई जिसके बाद स्थिति बिगड़ी. अस्पताल रिकॉर्ड. व्हाट्सएप चैट और गवाह बयान जांच के दायरे में हैं. परिवार की गुहार और सिस्टम पर सवाल ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा और परिवार न्याय की मांग कर रहा है. सास गिरिबाला सिंह (रिटायर्ड जज) पर भी आरोप हैं. बार काउंसिल ने समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है. यह मामला केवल एक मौत नहीं बल्कि दहेज प्रताड़ना. मानसिक स्वास्थ्य और हाई-प्रोफाइल परिवार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है. क्या दोबारा पोस्टमॉर्टम. CBI जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी सच्चाई उजागर कर पाएगी. पूरे देश की नजर अब 25 मई की सुनवाई और AIIMS रिपोर्ट पर है.
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