ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी 50 साल करने की योजना, ऑनलाइन ट्रांसफर पर विचार
ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी 50 साल तक करने की तैयारी, ऑनलाइन गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल पर भी विचार
Image: Nbt Navbharattimes
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी 50 साल तक बढ़ाने की योजना है। सड़क परिवहन मंत्रालय ऑनलाइन गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल पर भी विचार कर रहा है, जिससे लोगों को आरटीओ के चक्कर से मुक्ति मिलेगी।
- 01ड्राइविंग लाइसेंस की वर्तमान वैलिडिटी 20 साल है, जिसे बढ़ाकर 50 साल करने का प्रस्ताव है।
- 02ऑनलाइन गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
- 03सरकार का उद्देश्य 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देना है।
- 04नियमों के उल्लंघन के लिए नेगेटिव पॉइंट्स देने का सिस्टम लागू करने पर विचार हो रहा है।
- 05ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट शामिल हैं।
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भारतीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी को 50 साल तक बढ़ाने की योजना बनाई है। वर्तमान में, ड्राइविंग लाइसेंस की अधिकतम वैलिडिटी 20 साल है, जिसके बाद इसे रिन्यू कराना पड़ता है। मंत्रालय का मानना है कि वैलिडिटी बढ़ाने से नागरिकों को आरटीओ के चक्कर से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा। इसके अलावा, ऑनलाइन गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया को भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इससे राज्य सरकारों की आय पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि लाइसेंस बनवाने और रिन्यू कराने की फीस ऑनलाइन जमा की जा सकेगी। इसके साथ ही, नियमों के उल्लंघन के लिए नेगेटिव पॉइंट्स देने का एक सिस्टम लागू करने से लापरवाह ड्राइवरों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी बढ़ाने से नागरिकों को आरटीओ के चक्कर से राहत मिलेगी।
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