भारतीय रुपये के प्रतीक '₹' का रोचक इतिहास
कैसे बना था रुपये का '₹' वाला डिजाइन? 3,331 डिजाइन के बीच चुने गए दो लाइन वाले चिन्ह और डिजाइनर का दिलचस्प किस्सा

Image: Jagran
भारतीय रुपये के प्रतीक '₹' का चयन एक ओपन प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया था, जिसमें 3,331 डिज़ाइन प्रस्तुत किए गए थे। इस प्रतीक का डिज़ाइन डी. उदय कुमार द्वारा तैयार किया गया था, जिसे 5 शॉर्टलिस्ट डिज़ाइन में से चुना गया। '₹' का प्रतीक भारत की संस्कृति और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है।
- 01भारतीय रुपये के प्रतीक चिन्ह के लिए प्रतियोगिता 5 मार्च 2009 को शुरू हुई थी।
- 02प्रतियोगिता में कुल 3,331 डिज़ाइन प्रस्तुत किए गए थे।
- 03डी. उदय कुमार को उनके डिज़ाइन के लिए ₹2.5 लाख का पुरस्कार मिला।
- 04₹ का प्रतीक देवनागरी अक्षर 'र' और अंग्रेजी 'R' का संयोजन है।
- 05भारतीय रुपये का प्रतीक 15 जुलाई 2010 को सार्वजनिक किया गया था।
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भारतीय रुपये का प्रतीक '₹' एक दिलचस्प कहानी के साथ सामने आया है। भारत सरकार ने 5 मार्च 2009 को एक ओपन राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें केवल भारतीय नागरिकों को भाग लेने की अनुमति थी। इस प्रतियोगिता में 3,331 डिज़ाइन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से केवल 5 डिज़ाइन को शॉर्टलिस्ट किया गया। जूरी ने बिना नाम बताए डिज़ाइन को देखा ताकि निष्पक्षता बनी रहे। अंततः, डी. उदय कुमार का डिज़ाइन चुना गया, जो देवनागरी अक्षर 'र' और अंग्रेजी 'R' का मिश्रण है। इस प्रतीक के ऊपर की दो रेखाएँ भारत के तिरंगे का अनुपात और आर्थिक स्थिरता का संकेत देती हैं। 15 जुलाई 2010 को '₹' को सार्वजनिक किया गया, जिससे यह अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन और यूरो के बाद एक प्रतीक चिन्ह वाला पांचवां मुद्रा बना।
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