फिच ने भारत की GDP ग्रोथ अनुमान को घटाया, जानें आर्थिक प्रभाव
भारत की आर्थिक रफ्तार पर ब्रेक? फिच ने कम किया GDP ग्रोथ अनुमान, जानें वजह

Image: Globalherald
फिच ने भारत की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.4% कर दिया है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इससे महंगाई और लोन की ईएमआई पर असर पड़ने की आशंका है।
- 01फिच ने भारत की GDP ग्रोथ दर 2026-27 के लिए 6.4% की भविष्यवाणी की है।
- 02अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
- 03महंगाई दर साल के अंत तक 5.3% तक पहुंच सकती है।
- 04भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों को बढ़ाकर 5.5% कर सकता है, जिससे लोन की ईएमआई महंगी हो जाएगी।
- 05फिच ने 2027-28 में GDP ग्रोथ फिर से 6.7% तक पहुंचने की उम्मीद जताई है।
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भारत की आर्थिक रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है, क्योंकि वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने जीडीपी ग्रोथ दर का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.4% कर दिया है। यह कटौती अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव के कारण हो रही कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, पिछले 14 हफ्तों से बंद है, जिससे ईंधन की कीमतों में 4-5% की बढ़ोतरी हुई है। इससे आम उपभोक्ताओं की वास्तविक आय प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी खरीदारी क्षमता कम हो सकती है। फिच की रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई दर साल के अंत तक 5.3% तक पहुंच सकती है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दर को बढ़ाकर 5.5% करने की संभावना है। हालांकि, फिच ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण में उम्मीद जताई है कि 2027-28 तक भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से 6.7% की दर से बढ़ सकती है।
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महंगाई बढ़ने और लोन की ईएमआई महंगी होने से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
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