पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला: किसान की बेटियों का 21 कनाल जमीन पर हक बरकरार
42 साल लड़ी वसीयत की लड़ाई: हाईकोर्ट ने बेटा ही नहीं माना, 21 कनाल जमीन पर किसान की बेटियों का हक बरकरार

Image: Amar Ujala
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 कनाल 6 मरला कृषि भूमि के मामले में किसान हरनाम सिंह की बेटियों के हक को मान्यता दी है, जबकि उनके कथित पुत्र जोगिंदर सिंह का दावा खारिज कर दिया गया।
- 01पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 42 साल पुरानी वसीयत की लड़ाई का निपटारा किया।
- 02जोगिंदर सिंह ने दावा किया कि वह हरनाम सिंह का पुत्र है, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
- 03अदालत ने कहा कि वसीयत और रिश्ते दोनों में संदेह होने पर संपत्ति का अधिकार प्राकृतिक उत्तराधिकारियों का ही रहेगा।
- 04हमीर कौर और दिवंगत जागीर कौर के बच्चों का जमीन पर अधिकार बरकरार रखा गया।
- 05जोगिंदर सिंह की मां के प्रेमी को गवाह नहीं बनाया गया, जिससे उसके दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 कनाल 6 मरला कृषि भूमि के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है, जिसमें किसान हरनाम सिंह की बेटियों, हमीर कौर और जागीर कौर, का संपत्ति पर हक बरकरार रखा गया है। यह मामला 1984 से चल रहा था, जब हरनाम सिंह का निधन हुआ। जोगिंदर सिंह ने दावा किया कि वह हरनाम सिंह का पुत्र है और उसे 1980 में वसीयत के जरिए संपत्ति दी गई थी। हालांकि, हमीर कौर ने अदालत में यह कहा कि जोगिंदर का उनके पिता से कोई संबंध नहीं है और वह किसी अन्य व्यक्ति का पुत्र है। अदालत ने जोगिंदर के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वसीयत और रिश्ते में संदेह होने पर संपत्ति का अधिकार प्राकृतिक उत्तराधिकारियों को ही मिलेगा। जस्टिस अर्चना पुरी ने कहा कि जब वसीयत के आधार पर प्राकृतिक उत्तराधिकारियों को संपत्ति से बाहर किया जाता है, तो सभी संदेह दूर करना आवश्यक है। इस निर्णय के साथ, हमीर कौर और दिवंगत जागीर कौर के बच्चों का अधिकार भूमि पर बरकरार है।
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इस निर्णय से स्थानीय किसानों और उनके परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
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