जयशंकर का वैश्विक बाजारों पर स्पष्ट संदेश: हथियार के रूप में उपयोग बंद करें
जयशंकर की दुनिया को दो टूक, कहा- मार्केट पर कब्जे को हथियार की तरह इस्तेमाल करना बंद करें

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में वैश्विक बाजारों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीतियाँ विकासशील देशों को नुकसान पहुंचाती हैं और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 01जयशंकर ने कहा कि आर्थिक गलियारे और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता होनी चाहिए, जिससे सदस्य देशों की संप्रभुता का सम्मान हो।
- 02भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और दोहरे मापदंडों को अस्वीकार किया।
- 03जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे विकासशील देशों की आवाज को मजबूती मिले।
- 04उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर विकसित देशों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
- 05भारत ने एससीओ देशों के बीच डिजिटल तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
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नई दिल्ली में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक बाजारों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीतियाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर करती हैं, विशेषकर विकासशील देशों को। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आर्थिक गलियारे और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता होनी चाहिए, जिससे सदस्य देशों की संप्रभुता का सम्मान हो। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए, उन्होंने सीमा पार आतंकवाद और आतंकियों की फंडिंग के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग की, ताकि विकासशील देशों की आवाज को मजबूती मिले। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर, जयशंकर ने विकसित देशों से तकनीकी सहायता और वित्तीय मदद की अपील की, ताकि विकासशील देशों को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सके।
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जयशंकर के बयान से भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हो सकती है, जिससे विकासशील देशों के लिए आर्थिक सहयोग बढ़ सकता है।
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