14 वर्षीय अंशु ने अंगदान से 6 लोगों को दी नई जिंदगी
मरकर भी 6 लोगों की लाइफ लाइन बन गया 14 साल का अंशु, परिवार ने बेटे की मौत के बाद किया सबसे बड़ा दान

Image: News 18 Hindi
हरियाणा के रोहतक में 14 वर्षीय अंशु ने सड़क हादसे में अपनी जान गंवाई, लेकिन उसके परिवार ने उसके अंगदान के माध्यम से 6 लोगों की जिंदगी बचाई। अंशु के अंगों में दो किडनी, दो लीवर और दो कॉर्निया शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
- 01अंशु का ब्रेन डेड होने के बाद उसके परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया।
- 02अंशु के अंगों से 6 लोगों को नई जिंदगी मिली है।
- 03पीजीआइएमएस में यह पांचवां अंगदान है जो हाल ही में हुआ।
- 04अंशु के अंगों में दो किडनी, दो लीवर और दो कॉर्निया शामिल हैं।
- 05डॉक्टर एच के अग्रवाल ने अंगदान के महत्व पर जोर दिया है।
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हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस में 14 वर्षीय अंशु ने सड़क हादसे में अपनी जान गंवाई। 18 अप्रैल को झज्जर जिले के सोंधी गांव में हुए इस हादसे के बाद अंशु का ब्रेन डेड हो गया। उसके परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया, जिससे अंशु के अंगों से 6 लोगों को नई जिंदगी मिली। अंशु के चाचा मनोज कुमार ने बताया कि भले ही बच्चा चला गया, लेकिन उन्हें गर्व है कि अंशु ने जाते-जाते दूसरों की जिंदगी बचाई। पीजीआइएमएस के कुलपति डॉक्टर एच के अग्रवाल ने बताया कि इस अंगदान में दो किडनी, दो लीवर और दो कॉर्निया शामिल हैं। लिवर को दिल्ली के एक अस्पताल में भेजा गया है, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ट्रांसप्लांट किए जाएंगे। डॉक्टर अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वे अंगदान के महत्व को समझें और इस परोपकारी कार्य में आगे आएं।
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अंशु के अंगदान से 6 लोगों को नई जिंदगी मिली है, जो स्थानीय समुदाय में अंगदान के महत्व को उजागर करता है।
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