बीकानेर में तालाब खुदाई से मिला 250 साल पुराना ऐतिहासिक प्रमाण
तालाब की खुदाई में निकला 250 साल पुराना इतिहास, कीर्ति स्तंभ और शिलालेख ने खोले अतीत के राज

Image: News 18 Hindi
बीकानेर के सिंसा भैरव तालाब की खुदाई में 250 साल पुराना कीर्ति स्तंभ और शिलालेख मिला है, जो जल संरक्षण की प्राचीन परंपरा को दर्शाता है। यह खोज क्षेत्र के इतिहास को उजागर करने के साथ-साथ जल प्रबंधन की सामाजिक सहभागिता को भी दर्शाती है।
- 01तालाब की खुदाई के दौरान प्राचीन प्रतिमा, शिलालेख और कीर्ति स्तंभ मिले हैं।
- 02तालाब का निर्माण विक्रम संवत 1837 में माघ पूर्णिमा के दिन शुरू हुआ था।
- 03शिलालेख में समाजसेवियों और दानदाताओं के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने जल संरचना का निर्माण किया।
- 04यह खोज जल संरक्षण परंपरा और सामाजिक सहभागिता का जीवंत दस्तावेज है।
- 05मिशन कायाकल्प अभियान जल संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का माध्यम बन रहा है।
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बीकानेर में जल संरक्षण के मिशन कायाकल्प के तहत सिंसा भैरव तालाब की खुदाई के दौरान 250 साल पुराना कीर्ति स्तंभ और शिलालेख मिला है, जिसने क्षेत्र के इतिहास को उजागर किया है। खुदाई में मिली प्राचीन प्रतिमा और शिलालेख ने यह साबित किया है कि यह तालाब केवल जल संग्रहण का साधन नहीं था, बल्कि यह अपने समय का एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र भी था। तालाब का निर्माण विक्रम संवत 1837 में माघ पूर्णिमा के दिन शुरू हुआ था, जिसमें समाजसेवियों और दानदाताओं के नाम अंकित हैं। यह खोज जल प्रबंधन की प्राचीन व्यवस्था और सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है। स्थानीय लोग इस खोज को क्षेत्र के इतिहास से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब देने के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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यह खोज क्षेत्र के जल संरक्षण के इतिहास को उजागर कर रही है और आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी।
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