बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सम्राट सरकार का नया कदम
निवेशकों के लिए खुले बिहार के दरवाजे, उद्योग को लेकर सम्राट सरकार ने किया बड़ा ऐलान

Image: News 18 Hindi
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद को अधिक अधिकार दिए हैं। यह निर्णय निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखता है, जिससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- 01बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के तहत SIPB सचिवालय को अधिक अधिकार दिए गए हैं।
- 02निवेश प्रस्तावों की मंजूरी के लिए 30 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है।
- 03SIPB सचिवालय अब 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी कर सकेगा यदि कोई विभाग तय समय में निर्णय नहीं लेता।
- 04सभी विभागों से जुड़े अनुमतियों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी।
- 05सरकार का उद्देश्य बिहार को निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद केंद्र बनाना है।
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत, राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में अधिक अधिकार दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है। नए प्रावधानों के अनुसार, SIPB सचिवालय को किसी निवेश प्रस्ताव की तकनीकी जांच और अनुशंसा करने के बाद 30 दिनों के भीतर मंजूरी देनी होगी। यदि कोई विभाग समयसीमा के भीतर निर्णय नहीं लेता है, तो SIPB सचिवालय 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी कर सकेगा। इससे निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कदम बिहार में नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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इस निर्णय से बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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