मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप: मशीनों के इस्तेमाल पर ग्रामीणों का विरोध
मजदूरों का हक छीना? मनरेगा कार्य में जेसीबी के इस्तेमाल पर बवाल, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

Image: News 18 Hindi
विदिशा जिले के मेहदौन गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को शिकायत देकर जांच की मांग की है, जिसमें जेसीबी मशीनों के उपयोग और नियमों के उल्लंघन का आरोप है।
- 01ग्रामीणों ने मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत की है।
- 02सरपंच गजराज सिंह लोधी और सचिव सुनील अहिरवार पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
- 03तालाब निर्माण के लिए 40 बीघा भूमि का अवैध उपयोग किया जा रहा है।
- 04ग्रामीणों का कहना है कि मशीनों के उपयोग से स्थानीय मजदूरों का रोजगार छीना जा रहा है।
- 05उपसरपंच रूपकमर बाई को पंचायत के हिसाब मांगने पर धमकियां दी गईं।
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विदिशा जिले के ग्यारसपुर तहसील के मेहदौन गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच गजराज सिंह लोधी और सचिव सुनील अहिरवार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मनरेगा का मुख्य उद्देश्य स्थानीय मजदूरों को रोजगार प्रदान करना है, लेकिन यहां जेसीबी मशीनों के माध्यम से काम कराया जा रहा है, जिससे कई परिवारों को रोजगार का अवसर नहीं मिल रहा। इसके अलावा, तालाब निर्माण के लिए 40 बीघा भूमि का अवैध उपयोग किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार यह कार्य अधिकतम 10 बीघा क्षेत्र में होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर धमकियों का भी सामना किया है। उन्होंने कलेक्टर से उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों का रोजगार प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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