झांसी के मेडिकल कॉलेज में जीवनरक्षक दवाओं की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी
Jhansi: इमरजेंसी खुद ‘वेंटिलेटर’ पर, जीवनरक्षक दवाएं खत्म, बाहर से मंगवानी पड़ रहीं

Image: Amar Ujala
झांसी, उत्तर प्रदेश के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पिछले तीन दिन से कई जीवनरक्षक दवाओं की कमी हो गई है, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार में बाधा आ रही है। डॉक्टरों को मजबूरन तीमारदारों से दवाएं बाहर से मंगवानी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
- 01इमरजेंसी में लगभग दस प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं की कमी है, जिससे उपचार में बाधा आ रही है।
- 02डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों की हालत नाजुक होती है और हर मिनट महत्वपूर्ण होता है।
- 03महंगी दवाएं बाहर से खरीदने से मरीजों के परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- 04जीवनरक्षक दवाओं में एड्रीनेलिन, नॉर-एड्रीनेलिन, मिडाजोलम और डोपामाइन शामिल हैं।
- 05सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने आश्वासन दिया है कि रविवार तक सभी दवाओं की सप्लाई मिल जाएगी।
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झांसी, उत्तर प्रदेश के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पिछले तीन दिन से कई जीवनरक्षक दवाओं की कमी हो गई है। इस स्थिति ने गंभीर मरीजों के उपचार को प्रभावित किया है, जिससे डॉक्टरों को तीमारदारों से बाहर से दवाएं मंगवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इमरजेंसी में रोजाना गंभीर हालत में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन आवश्यक दवाओं की अनुपलब्धता के कारण उपचार में देरी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार मरीजों की हालत नाजुक होती है और हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। इस कमी के कारण मरीजों के परिजनों को महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। जीवनरक्षक दवाओं में एड्रीनेलिन, नॉर-एड्रीनेलिन, मिडाजोलम और डोपामाइन जैसी दवाएं शामिल हैं, जो विभिन्न गंभीर स्थितियों में उपयोगी होती हैं। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि डिपो को दवाओं की डिमांड भेजी गई है और रविवार तक सप्लाई मिलने का आश्वासन दिया गया है।
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यह स्थिति मरीजों के उपचार में देरी कर रही है, जिससे उनकी जान को खतरा है और परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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