जेएनयू में विवाहित पीएचडी छात्रों के लिए हॉस्टल शुल्क में बढ़ोतरी, नए नियम 1 जून से लागू
जेएनयू में विवाहित PHD छात्रों के लिए हॉस्टल हुआ महंगा, 1 जून से लागू होंगे नए नियम और फीस स्ट्रक्चर

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विवाहित पीएचडी छात्रों के लिए हॉस्टल शुल्क में वृद्धि की गई है, जिसमें 30,000 रुपये का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपाजिट और 5,000 रुपये मासिक किराया शामिल है। नए नियम 1 जून से लागू होंगे, जिसमें गर्भवती छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर भी वही नियम लागू होंगे।
- 01नए नियमों के तहत, विवाहित पीएचडी छात्रों को 30,000 रुपये का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपाजिट देना होगा।
- 02हर वर्ष किराया और अन्य शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
- 03गर्भवती छात्रों को हॉस्टल आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।
- 04अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर भारतीय छात्रों के लिए निर्धारित नियम लागू होंगे।
- 05शोध जमा करने से पहले छात्रों को सभी बकाया चुकाने होंगे।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने विवाहित पीएचडी छात्रों के लिए हॉस्टल आवंटन नियमों और शुल्क संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियम 1 जून से लागू होंगे, जिसमें छात्रों को 30,000 रुपये का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपाजिट और 5,000 रुपये मासिक किराया देना होगा। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि हर वर्ष किराया और अन्य शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। गर्भवती छात्रों को आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी, और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर भी वही नियम लागू होंगे जो भारतीय छात्रों के लिए हैं। छात्रों को हॉस्टल में रहने की अनुमति अधिकतम चार वर्ष तक होगी, और शोध जमा करने से पहले सभी बकाया चुकाने होंगे। यह बदलाव यूजीसी द्वारा 2022 में एमफिल कार्यक्रम समाप्त किए जाने के बाद आवश्यक बन गया था। नए नियमों के अनुसार, छात्रों को हॉस्टल खाली करने के समय शपथ पत्र देना होगा, जिसमें उनकी और उनके जीवनसाथी की नौकरी एवं आय से संबंधित जानकारी होगी।
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नए नियमों से विवाहित पीएचडी छात्रों को वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और शोध कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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