ग्वालियर में 30 साल बाद अतिक्रमण मुक्त हुई 107 बीघा भूमि
30 साल बाद अतिक्रमण मुक्त हुई देव भूमि, 107 बीघा जमीन मंदिर को मिली, गौशाला के लिए उगाया जाएगा चारा
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ग्वालियर के झांकरी गांव में रानीघाटी राम-जानकी मंदिर की 107 बीघा भूमि को लगभग 30 साल बाद अतिक्रमण से मुक्त कराकर मंदिर को सौंपा गया है। यह भूमि अब गौशाला के लिए चारा उत्पादन और धार्मिक गतिविधियों में उपयोग की जाएगी।
- 01107 बीघा भूमि को 30 साल बाद अतिक्रमण से मुक्त किया गया।
- 02इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये है।
- 03भूमि का उपयोग गौशाला के लिए चारा उत्पादन और धार्मिक गतिविधियों में किया जाएगा।
- 04भूमि को कब्जामुक्त कराने में लगभग पांच घंटे लगे।
- 05प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया।
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ग्वालियर में भितरवार क्षेत्र के झांकरी गांव में रानीघाटी राम-जानकी मंदिर की 107 बीघा भूमि को लगभग 30 साल बाद अतिक्रमण से मुक्त कर दिया गया है। इस भूमि पर पिछले तीन दशकों से करीब 35 लोगों का कब्जा था, जिससे मंदिर अपनी संपत्ति का उपयोग नहीं कर पा रहा था। प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए 50 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया और संत समाज के प्रतिनिधियों को भी मौके पर बुलाया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और कोई बड़ा विवाद उत्पन्न नहीं हुआ। भूमि का उपयोग अब गौशाला के लिए चारा उत्पादन और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार में किया जाएगा। भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया ने बताया कि इस भूमि की अनुमानित कीमत 11 करोड़ रुपये है। हाल ही में अवैध कब्जों के मामलों को लेकर प्रशासन ने तेजी दिखाई है और अब आयुक्त स्तर पर रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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मंदिर को मिली भूमि अब धार्मिक गतिविधियों और गौशाला के लिए उपयोग की जाएगी, जिससे स्थानीय समुदाय को लाभ होगा।
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