पटना में नालों का कायाकल्प: स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से बदलेगा शहर का नजारा
जहां बहता था गंदा नाला, अब सरपट दौड़ेंगी गाड़ियां, बदलने लगी पटना के इन इलाकों की सूरत
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पटना, बिहार में मंदिरी नाला और अन्य नालों के विकास के तहत स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने परिवहन और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार किया है। विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कुल 331.36 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे जलजमाव की समस्या का समाधान होगा और आवागमन सुगम होगा।
- 01मंदिरी नाले को कवर कर सड़क बनाई गई, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा हुई।
- 02सर्पेंटाइन नाले पर 102 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है, जो 2027 तक पूरा होगा।
- 03सैदपुर नाले पर 331.36 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जो दिसंबर 2026 तक पूरा होगा।
- 04कुर्जी नाले पर 180.99 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और यह प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- 05आनंदपुरी नाले को भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें 91 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे 2027 तक पूरा किया जाएगा।
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पटना, बिहार में मंदिरी नाला पहले सबसे बदहाल इलाकों में से एक था, लेकिन अब स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मदद से इसे मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया है। नाले को कवर कर उसके ऊपर सड़क बनाई गई है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। मंदिरी मॉडल की सफलता के बाद, पटना के अन्य नालों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सर्पेंटाइन नाले पर 102 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है, जो पटेल चौक से अटल पथ तक जाएगा और 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, सैदपुर नाले पर 331.36 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जो जलजमाव की समस्या को हल करेगा। कुर्जी नाले पर 180.99 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और आनंदपुरी नाले के विकास के लिए 91 करोड़ रुपये की योजना है। इन सभी परियोजनाओं से पटना के कई इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
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इन परियोजनाओं से पटना के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या का समाधान होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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