भारत में जनसंख्या वृद्धि की दर में गिरावट: 'ओल्ड बिफोर रिच' का खतरा
घटती आबादी, बढ़ता संकट! भारत के सामने खड़ा हुआ 'ओल्ड बिफोर रिच' का ये कैसा खतरा?

Image: News 18 Hindi
भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) अब 1.9 पर पहुंच गई है, जो रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से नीचे है। यह गिरावट शिक्षा, शहरीकरण और आर्थिक विकास के कारण हो रही है। एलॉन मस्क ने इसे वैश्विक समस्या बताया है।
- 01भारत की TFR अब 1.9 है, जो 1970 में 5 से अधिक थी।
- 02दिल्ली में TFR केवल 1.2 है, जो कई विकसित देशों से भी कम है।
- 03शिक्षित महिलाओं की औसत TFR 1.6-1.8 है, जबकि अनपढ़ महिलाओं की 3+ है।
- 04शहरीकरण और महिलाओं की शिक्षा में वृद्धि ने जनसंख्या वृद्धि दर को प्रभावित किया है।
- 05एलॉन मस्क ने कम जन्म दर को मानव सभ्यता के लिए खतरा बताया है।
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भारत की जनसंख्या वृद्धि दर में एक महत्वपूर्ण गिरावट आई है, जिससे कुल प्रजनन दर (TFR) अब 1.9 पर पहुंच गई है, जो कि रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है। यह गिरावट कई कारणों से हो रही है, जिनमें शिक्षा का स्तर, शहरीकरण और आर्थिक विकास शामिल हैं। विशेष रूप से, दिल्ली में TFR केवल 1.2 है, जो कई विकसित देशों की दरों से भी कम है। एलॉन मस्क ने इस विषय पर चिंता जताई है और इसे मानव सभ्यता के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। भारत में, महिलाओं की शिक्षा में वृद्धि और छोटे परिवारों के मॉडल का प्रचलन इस गिरावट के मुख्य कारण हैं। शिक्षा के कारण विवाह में देरी और करियर पर ध्यान केंद्रित करने की प्रवृत्ति भी इस बदलाव में योगदान दे रही है। इस संदर्भ में, 'ओल्ड बिफोर रिच' का खतरा उभरता है, जहां जनसंख्या वृद्धि दर में कमी विकास के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक बदलावों का संकेत देती है।
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कम जन्म दर से भविष्य में जनसंख्या संतुलन प्रभावित हो सकता है।
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