बाड़मेर में श्रमिकों के आंदोलन पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी का बयान
बाड़मेर: खुद पर पेट्रोल छिड़क मजदूरों की आवाज उठाने वाले MLA रविंद्र को क्यों आई चीन की याद, जानें
Image: Nbt Navbharattimes
बाड़मेर, राजस्थान में श्रमिकों का आंदोलन पिछले 40 दिनों से जारी है, जिसमें निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आत्मदाह का प्रयास किया। उन्होंने चीन के कोयला खदान हादसे का जिक्र करते हुए सरकार पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- 01विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने 20 दिनों से धरना स्थल पर डेरा डाला हुआ है।
- 02भाटी ने सोशल मीडिया पर चीन के शांक्सी प्रांत में हुए कोयला खदान हादसे का जिक्र किया।
- 03गिरल ओपन लिग्नाइट माइंस के मजदूर 40 दिनों से अपनी मांगों के लिए धरने पर हैं।
- 04भाटी ने कहा कि सरकार को श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
- 05मजदूरों की प्रमुख मांगों में पुनर्बहाली और 8 घंटे की ड्यूटी शामिल हैं।
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राजस्थान के बाड़मेर जिले के गिरल में श्रमिकों का आंदोलन पिछले 40 दिनों से जारी है। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने श्रमिकों के समर्थन में धरना दिया है और हाल ही में आत्मदाह का प्रयास भी किया। उन्होंने चीन के शांक्सी प्रांत में हुए कोयला खदान हादसे का हवाला देते हुए सरकार पर तीखा हमला किया, जिसमें लगभग 90 मजदूर जिंदा दफन हो गए थे। भाटी ने कहा कि यह घटना मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने गिरल ओपन लिग्नाइट माइंस के मजदूरों की सुरक्षा मानकों और अधिकारों की मांग को उठाया और कहा कि सरकार को मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। आंदोलन में श्रमिकों की प्रमुख मांगों में पुनर्बहाली, 8 घंटे की ड्यूटी और उचित वेतन शामिल हैं।
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यह आंदोलन स्थानीय श्रमिकों के जीवन और सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
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