टीएमसी में बगावत: ममता बनर्जी का सामना, बागी सांसदों की मांगें बढ़ीं
TMC Crisis Live Updates: टीएमसी की बगावत पर अब ममता बनर्जी का जवाब, कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद खोलेंगे चिट्ठा

Image: News 18 Hindi
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नाराज़ सांसदों का एक गुट लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर काकोली घोष को नेता मान्यता देने की मांग करेगा। ममता बनर्जी के करीबी सांसद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
- 01टीएमसी के बागी सांसदों का गुट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने जा रहा है।
- 02बागी सांसदों ने काकोली घोष को नेता के तौर पर मान्यता देने की मांग उठाई है।
- 03लगभग 20 सांसदों ने बागी गुट का समर्थन किया है और NDA में शामिल होने की इच्छा जताई है।
- 04पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान भी बागी खेमे में शामिल हो सकते हैं।
- 05ममता बनर्जी के लिए यह संकट संगठनात्मक और संसदीय ताकत दोनों के लिए चुनौती बन गया है।
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पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आज एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया है। नाराज़ सांसदों का एक बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने जा रहा है, जहाँ वे काकोली घोष को नेता के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। काकोली घोष ने दावा किया है कि उनके साथ लगभग 20 सांसदों का समर्थन है। बागी सांसदों ने NDA में शामिल होने की इच्छा भी जताई है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजा है। इस बागी गुट में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के शामिल होने की भी चर्चा है, हालाँकि उन्होंने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ममता बनर्जी के करीबी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस स्थिति ने टीएमसी के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी है, जो न केवल संगठनात्मक है, बल्कि पार्टी के अस्तित्व और संसदीय ताकत की परीक्षा भी है।
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टीएमसी के बागी सांसदों की गतिविधियों से पार्टी की संगठनात्मक स्थिति कमजोर हो सकती है।
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