मंडी में पेयजल योजना का कार्य तीन साल से अधूरा, ग्रामीणों ने उठाई न्यायालय जाने की चेतावनी
Mandi News: पेयजल योजना तीन साल से अधूरी, अब ग्रामीणों का सब्र का बांध टूटा
Amar Ujala
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मंडी जिले में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये की पेयजल योजना तीन साल से अधूरी है, जिससे ग्रामीणों में पेयजल संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों ने लापरवाही के आरोप लगाते हुए न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।
- 01जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना की लागत करोड़ों रुपये है।
- 02पेयजल योजना का कार्य तीन साल से अधूरा पड़ा है, जिससे कई गांवों में संकट उत्पन्न हुआ है।
- 03ग्रामीणों ने निर्माण में लापरवाही और धन की हेराफेरी के आरोप लगाए हैं।
- 04गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति और गंभीर हो गई है।
- 05विभागीय अधिकारियों से समस्या उठाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।
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मंडी जिले के निहरी क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही पेयजल योजना तीन वर्षों से अधूरी है। इससे पोडाकोठी, दुमटबैहली, ठीहकर, पौडाकोठी, सलोस और अनुसी जैसे गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और धन की हेराफेरी हुई है। कई स्थानों पर पाइपलाइन गायब हो गई हैं, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पूर्व प्रधान तुला राम और अन्य जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि योजना जल्द पूरी नहीं होती है, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि योजना के कार्य में वित्तीय संसाधनों की कमी और प्राकृतिक आपदा के कारण देरी हुई है। विभाग प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा बहाल करने के प्रयास कर रहा है।
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ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक जीवन में कठिनाई हो रही है।
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