भारत ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया
सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख: पाकिस्तान को नहीं मिलेगा एक बूंद पानी, केंद्र का बड़ा बयान

Image: Jagran
भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को पानी नहीं देने का फैसला किया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर लिया गया है, और इसे केंद्र सरकार के उच्चतम स्तर पर मॉनिटर किया जा रहा है।
- 01भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं देने का फैसला किया है।
- 02केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर लिया गया है।
- 03भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को अवैध मानते हुए खारिज कर दिया है।
- 04पाकिस्तान में जल संकट गहरा रहा है, कराची में 70 प्रतिशत क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित है।
- 05भारत ने किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं पर पाकिस्तान की आपत्तियों का विरोध किया है।
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भारत सरकार ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) के तहत पाकिस्तान को पानी न देने का कड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि आने वाले वर्षों में पाकिस्तान को एक बूंद पानी भी नहीं मिलेगा। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर लिया गया है और इसकी निगरानी केंद्र सरकार के उच्चतम स्तर पर की जा रही है। हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके चलते भारत ने संधि को स्थगित रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा, भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन द्वारा दिए गए फैसले को अवैध मानते हुए खारिज कर दिया है। इस बीच, पाकिस्तान में जल संकट गहरा रहा है, खासकर कराची में, जहां 70 प्रतिशत क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित है।
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पाकिस्तान में जल संकट बढ़ने से नागरिकों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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