कंट्रैरियन निवेश: ईरान संकट के बीच निवेशकों के लिए नए अवसर
Investment Tips : ईरान संकट के बीच लोकप्रिय हो रही कंट्रैरियन इन्वेस्टिंग, पैसा लगाने से पहले जान लें इसकी ABCD

Image: News 18 Hindi
ईरान संकट के चलते निवेशकों के बीच कंट्रैरियन निवेश की लोकप्रियता बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गिरते बाजार में निवेश करने का यह सही समय है, खासकर लार्ज और मिडकैप म्यूचुअल फंड में।
- 01कंट्रैरियन निवेश का मतलब है विपरीत दिशा में चलना, जब बाजार की स्थिति खराब हो।
- 02पंकज मठपाल के अनुसार, गिरते शेयरों में निवेश करना सकारात्मक परिणाम दे सकता है।
- 03लार्ज और मिडकैप म्यूचुअल फंड में निवेश करने से बेहतर रिटर्न की संभावना है।
- 04निप्पॉन इंडिया विजन लार्ज एंड मिडकैप फंड ने तीन वर्षों में 17.91% का सालाना रिटर्न दिया है।
- 05आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, बंधन और इन्वेस्को के फंड्स ने भी दोहरे अंकों का रिटर्न दर्ज किया है।
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ईरान संकट के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों के बीच कंट्रैरियन निवेश की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है। कंट्रैरियन निवेश का अर्थ है विपरीत दिशा में चलना, अर्थात जब बाजार की स्थिति खराब होती है, तब निवेशक अवसरों की तलाश करते हैं। पंकज मठपाल, जो ऑप्टिमा मनी के संस्थापक हैं, का मानना है कि गिरते शेयरों में निवेश करना एक सकारात्मक रणनीति हो सकती है। वर्तमान में, लार्ज और मिडकैप म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि हालिया गिरावट ने भारत के वैल्यूएशन प्रीमियम को कम किया है। लार्ज और मिडकैप फंड्स ने पिछले कुछ वर्षों में अच्छा प्रदर्शन किया है, जैसे निप्पॉन इंडिया विजन लार्ज एंड मिडकैप फंड ने 17.91% का सालाना रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आने वाले महीनों में उच्च विकास के दौर में प्रवेश करेगा, जिससे इन फंड्स को लाभ होगा।
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निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसर बढ़ा है, जो आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से लाभान्वित हो सकते हैं।
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