अमेरिका-भारत सुरक्षा साझेदारी में अहम बैठक, अजित डोभाल और मार्को रूबियो की चर्चा
अमेरिका का होगा हकीकत से सामना, जब रूबियो के सामने बैठेंगे अजित डोभाल, चीन–पाकिस्तान पर सीधी बात

Image: News 18 Hindi
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बीच होने वाली बैठक में दक्षिण एशिया की सुरक्षा, आतंकवाद, और चीन-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा की जाएगी। भारत अब अमेरिका से एक्शन पार्टनरशिप की उम्मीद कर रहा है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- 01बैठक में दक्षिण एशिया की सुरक्षा, आतंकवाद, और चीन-पाकिस्तान के संबंधों पर चर्चा होगी।
- 02भारत अमेरिका से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है, न कि केवल बयानबाजी।
- 03चीन की गतिविधियों पर चर्चा करते हुए भारत समुद्री निगरानी और Quad को अधिक ऑपरेशनल बनाने की आवश्यकता पर जोर देगा।
- 04बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, LNG, और नवीकरणीय ऊर्जा पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
- 05भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए तकनीकी ट्रांसफर और संयुक्त उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बीच होने वाली बैठक, भारत-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस बैठक में दक्षिण एशिया की सुरक्षा, आतंकवाद, और चीन-पाकिस्तान के संबंधों पर चर्चा होगी। भारत अब अमेरिका से केवल बयानबाजी की बजाय ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है। डोभाल इस बैठक में आतंकवाद को एक व्यापक इकोसिस्टम के रूप में पेश करेंगे, जिसमें पाकिस्तान आधारित नेटवर्क सक्रिय हैं।
बैठक में चीन की गतिविधियों पर भी चर्चा होगी, खासकर दक्षिण चीन सागर और भारतीय महासागर में। भारत समुद्री निगरानी और Quad को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर देगा। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा, LNG, और नवीकरणीय ऊर्जा पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए तकनीकी ट्रांसफर और संयुक्त उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे भारत को रक्षा तकनीक का सह-निर्माता बनने में मदद मिलेगी।
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इस बैठक के परिणामस्वरूप, भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग में वृद्धि हो सकती है, जो कि क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई को बढ़ावा देगा।
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