सिकंदरपुर गांव में इको रिसोर्ट से आत्मनिर्भरता की नई राह
आत्मनिर्भरता की मिसाल- प्रधान की नवाचारी पहल से आत्मनिर्भरता की राह पर सिकंदरपुर गांव

Image: Jagran
सिकंदरपुर गांव, मेरठ में प्रधान सुषमा की पहल पर एक इको रिसोर्ट का निर्माण हुआ है, जो रोजगार, पर्यटन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है। इस रिसोर्ट से ग्राम पंचायत को सालाना ₹30,000 से ₹50,000 की आय होगी, और यह ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव प्रदान करेगा।
- 01गांव में 1200 परिवार रहते हैं, और रिसोर्ट से होने वाली आय विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
- 02कूड़ा निस्तारण प्लांट से गांव को सालाना ₹30,000 से ₹50,000 की आमदनी होती है।
- 03रिसोर्ट में देसी खानपान जैसे गुड़ की चाय, सरसों का साग और जैविक सब्जियां परोसी जाएंगी।
- 04महिलाओं को रोजगार देने के लिए रिसोर्ट का संचालन महिला समूह द्वारा किया जाएगा।
- 05सिकंदरपुर गांव की प्रधान सुषमा ने मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत ₹20 लाख की राशि का उपयोग किया।
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सिकंदरपुर गांव, जो मेरठ के परीक्षितगढ़ ब्लाक में स्थित है, अब एक इको रिसोर्ट के निर्माण के कारण चर्चा में है। प्रधान सुषमा की इस पहल ने गांव में रोजगार, पर्यटन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है। रिसोर्ट की स्थापना के साथ ही गांव में कूड़ा निस्तारण प्लांट भी लगाया गया है, जिससे गांव को सालाना ₹30,000 से ₹50,000 की आय होती है। रिसोर्ट में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ देसी खानपान की व्यवस्था की गई है, जिसमें गुड़ की चाय और जैविक सब्जियां शामिल हैं। यह रिसोर्ट न केवल ठहरने की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि गांव की जीवनशैली और कृषि-आधारित स्वाद का अनुभव भी कराएगा। रिसोर्ट का संचालन स्थानीय महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा। इस पहल को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह प्रदेश में पहली बार है जब किसी प्रधान ने ग्राम पंचायत की जमीन पर इस तरह का इको रिसोर्ट बनाया है।
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इस रिसोर्ट से गांव की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
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