बद्रीनाथ में हिमस्खलन से यात्रियों में हड़कंप, प्रशासन ने की सुरक्षा व्यवस्था
बद्रीनाथ में क्यों खिसका ग्लेशियर? पहाड़ टूटता देख यात्रियों में मचा हड़कंप, कंचन गंगा में हुआ हिमस्खलन

Image: News 18 Hindi
उत्तराखंड के बद्रीनाथ में कंचन गंगा में हिमस्खलन होने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। गर्मी के कारण बर्फ पिघलने से यह घटना हुई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है।
- 01हिमस्खलन कंचन गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से शुरू हुआ था।
- 02बद्रीनाथ धाम में एक महीने में 5.56 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
- 03बीते दो दिनों में 60,000 से अधिक यात्रियों ने बद्रीनाथ में दर्शन किए।
- 04मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
- 05प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीम तैनात की है।
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उत्तराखंड के बद्रीनाथ में कंचन गंगा में हिमस्खलन की घटना ने यात्रियों में हड़कंप मचा दिया। यह हिमस्खलन गर्मियों में बर्फ के पिघलने के कारण हुआ, लेकिन राहत की बात यह है कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। चमोली जिले में कुबेर भंडार चोटी से शुरू हुआ यह हिमस्खलन, कंचन गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से टकराया। इस समय बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है, जहां एक महीने में 5.56 लाख से अधिक भक्त भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं। पिछले दो दिनों में 60,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम में शीश नवाया, जिसमें शुक्रवार को 32,000 और शनिवार को 33,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं और आईटीबीपी तथा एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।
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बद्रीनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।
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