बागपत की प्रेरणा कैंटीन में अधिकारियों पर बकाया भुगतान का आरोप
'फ्री' में चाय-नाश्ता लेते रहे अधिकारी? महिला संचालिका का आरोप- '8 महीने से नहीं मिला भुगतान, 94 हजार बकाया'
Image: Nbt Navbharattimes
बागपत, उत्तर प्रदेश में प्रेरणा कैंटीन की संचालिका बिमलेश ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारी पिछले चार वर्षों से चाय और नाश्ते का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे कैंटीन पर आर्थिक संकट आ गया है। बकाया राशि लगभग 94 हजार रुपये है।
- 01बिमलेश, जो कबीर स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया कि अधिकारी पिछले चार वर्षों से उधारी पर भोजन ले रहे हैं।
- 02कैंटीन को आठ महीने से कोई भुगतान नहीं मिला, जिससे संचालन में कठिनाई हो रही है।
- 03बकाया राशि बढ़ने के कारण कैंटीन को ईंधन जुटाने में भी परेशानी हो रही है।
- 04मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने बकाया भुगतान का आश्वासन दिया है कि इसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।
- 05इस विवाद ने सरकारी योजनाओं के संचालन और निगरानी पर सवाल उठाए हैं।
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बागपत के विकास भवन परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन की संचालिका बिमलेश ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पिछले चार वर्षों से चाय, नाश्ता और भोजन का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में लगभग 94 हजार रुपये बकाया हैं, जिसके कारण कैंटीन का संचालन आर्थिक संकट में है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से कोई भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें भोजन बनाने के लिए ईंधन जुटाने में भी कठिनाई हो रही है। बिमलेश का आरोप है कि जब भी वह बकाया भुगतान की मांग करती हैं, तो उन्हें कैंटीन खाली कराने की धमकी दी जाती है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बकाया भुगतान की प्रक्रिया दो से तीन दिनों में पूरी की जाए। इस विवाद ने सरकारी योजनाओं के संचालन और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब ये योजनाएँ महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थीं।
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बागपत की प्रेरणा कैंटीन के संचालन पर आर्थिक संकट का असर है, जो महिलाओं के स्वरोजगार को प्रभावित कर सकता है।
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