दिल्ली HC को सीएपीएफ कर्मियों की सेवा समाप्ति के मामलों की सुनवाई का अधिकार
सीएपीएफ कर्मियों की सेवा समाप्ति पर सुनवाई कर सकता है दिल्ली HC, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Image: Jagran
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सदस्यों की सेवा समाप्ति के मामलों की सुनवाई कर सकता है, भले ही कार्रवाई का कारण दिल्ली के बाहर उत्पन्न हुआ हो।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सीएपीएफ कर्मियों की सेवा समाप्ति मामलों की सुनवाई का अधिकार दिया।
- 02बीएसएफ के एक कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर यह फैसला आया।
- 03कॉन्स्टेबल को दूसरी शादी करने के कारण बिना पेंशन लाभ के बर्खास्त किया गया था।
- 04दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले कॉन्स्टेबल की याचिका को अस्वीकार किया था।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई का कारण दिल्ली के बाहर होने पर भी सुनवाई की जा सकती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सदस्यों की सेवा समाप्ति के मामलों की सुनवाई कर सकता है, भले ही संबंधित कार्रवाई का कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहर उत्पन्न हुआ हो। यह आदेश उस समय दिया गया जब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी। कॉन्स्टेबल को बिना पेंशन लाभ के बर्खास्त किया गया था, क्योंकि उसने अपनी पहली पत्नी की अनुमति के बिना दूसरी शादी की थी। बर्खास्तगी के बाद कॉन्स्टेबल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसे पहले खारिज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सीएपीएफ सदस्य की सेवा समाप्ति का आदेश दिल्ली के बाहर से आया हो, तब भी दिल्ली उच्च न्यायालय को क्षेत्रीय अधिकार होगा। इस निर्णय से सीएपीएफ कर्मियों को न्याय पाने का एक नया मार्ग मिल सकता है।
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इस निर्णय से सीएपीएफ कर्मियों को सेवा समाप्ति के मामलों में न्याय पाने का अवसर मिलेगा।
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