AI के उपयोग से जल संकट: हर ईमेल के पीछे छिपा है पानी का बड़ा खर्च
AI की प्यास के आगे नदियां भी कम! ChatGPT पर एक छोटा सा ईमेल लिखने में बर्बाद हो रहा है बोतलों भर पानी

Image: Zee News
एक नई रिसर्च के अनुसार, AI टूल्स का उपयोग करते समय हर 100 शब्दों के ईमेल के लिए लगभग 519 मिलीलीटर पानी खर्च होता है। यह पानी डेटा सेंटर्स को ठंडा करने और बिजली पैदा करने में उपयोग होता है, जिससे जल संकट और बढ़ रहा है।
- 01AI से 100 शब्दों का ईमेल लिखवाने पर लगभग 519 मिलीलीटर पानी खर्च होता है, जो एक बोतल के बराबर है।
- 02AI डेटा सेंटर्स की ठंडाई के लिए पानी का 80% हिस्सा भाप बनकर उड़ जाता है।
- 03गूगल ने एक साल में 8.1 अरब गैलन पानी का उपयोग किया, जिसमें 95% डेटा सेंटर्स में गया।
- 04माइक्रोसॉफ्ट के एक डेटा सेंटर ने जुलाई में 1.15 करोड़ गैलन पानी खर्च किया।
- 05AI इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार जल संकट को और बढ़ा रहा है।
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कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक नई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, जब हम AI टूल्स का उपयोग करते हैं, तो हर 100 शब्दों के ईमेल के लिए लगभग 519 मिलीलीटर पानी का खर्च होता है। यह पानी मुख्य रूप से उन सुपरफास्ट कंप्यूटर सर्वर्स को ठंडा करने और पावर प्लांट्स में बिजली उत्पादन के लिए उपयोग होता है। जब करोड़ों लोग रोजाना AI का उपयोग करते हैं, तो यह पानी की बर्बादी डराने वाले स्तर पर पहुँच जाती है। अनुमान है कि 2027 तक AI का इंफ्रास्ट्रक्चर हर साल 4.2 से 6.6 अरब क्यूबिक मीटर पानी खर्च करेगा। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों की रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट है कि AI के कारण पानी का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, गूगल ने एक साल में लगभग 8.1 अरब गैलन पानी का उपयोग किया, जबकि माइक्रोसॉफ्ट के एक डेटा सेंटर ने जुलाई में 1.15 करोड़ गैलन पानी खर्च किया। यह समस्या विशेष रूप से उन क्षेत्रों में गंभीर है जहाँ पहले से ही जल संकट है।
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AI के बढ़ते उपयोग से जल संकट और बढ़ रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की कमी है।
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