अमेरिकी कोर्ट ने H-1B वीजा फीस बढ़ाने का कानून रद्द किया, भारतीयों को मिली राहत
ट्रंप को बड़ा झटका! $100,000 H-1B वीजा फीस बढ़ाने वाला कानून कोर्ट ने किया रद्द, भारतीयों को मिली बड़ी राहत

Image: India Tv
अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले भारतीयों के लिए राहत, क्योंकि कोर्ट ने $100,000 की फीस को गैरकानूनी करार दिया। ट्रंप प्रशासन का यह नियम रद्द होने से भारतीय आईटी पेशेवरों को फायदा होगा और कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने में आसानी होगी।
- 01अमेरिकी कोर्ट ने H-1B वीजा पर $100,000 फीस को रद्द किया।
- 02जज लियो सोरोकिन ने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसा टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है।
- 03फीस बढ़ोतरी के कारण भारतीय आईटी पेशेवरों को नौकरी पाने में कठिनाई हो रही थी।
- 04H-1B वीजा के लिए आवेदन में गिरावट आई थी, जिससे भारतीय पेशेवरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
- 05कोर्ट के फैसले से भारतीय आईटी कंपनियों और युवाओं को राहत मिलेगी।
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अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत आई है। अमेरिकी अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित H-1B वीजा पर $100,000 (करीब 85 लाख रुपये) की फीस को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया है। बोस्टन के जज लियो सोरोकिन ने कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह का टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है और इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक है। ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि H-1B वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा है, जिसके कारण उन्होंने फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था। इस फीस में वृद्धि से भारतीय आईटी पेशेवरों को नौकरी पाने में कठिनाई हो रही थी, जिससे कई भारतीय पेशेवर भारत लौटने के लिए मजबूर हो गए थे। अब, कोर्ट के इस फैसले के बाद H-1B वीजा की फीस सामान्य स्तर पर लौट आएगी, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों और युवाओं को राहत मिलेगी। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इस फैसले को चुनौती दे सकता है।
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H-1B वीजा फीस में वृद्धि के रद्द होने से भारतीय आईटी पेशेवरों और कंपनियों को राहत मिलेगी।
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