भारत में दालों का आयात 34% घटा, कीमतों में वृद्धि की आशंका
दालों का आयात 34 फीसदी घटा, बढ़ेंगे दाम
GlobalheraldImage: Globalherald
भारत में दालों का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में 34% घटकर 3.63 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले वर्ष 5.54 अरब डॉलर था। इस कमी के कारण आने वाले महीनों में दालों की कीमतों में वृद्धि की संभावना है, खासकर मसूर और पीली मटर के आयात में गिरावट के चलते।
- 01मसूर दाल के आयात में 6% और पीली मटर में 47% की कमी आई है।
- 02विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू उत्पादन में वृद्धि नहीं होने पर दालों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
- 03इस वर्ष मानसून और फसल उत्पादन को लेकर चिंता बनी हुई है।
- 04सरकार के पास बफर स्टॉक मौजूद है, लेकिन आयात में कमी के चलते कीमतों में वृद्धि की संभावना है।
- 05यदि उत्पादन कमजोर रहा तो सरकार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में दालों का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में 34% घटकर 3.63 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले वर्ष 5.54 अरब डॉलर था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मसूर और पीली मटर के आयात में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है। मसूर दाल के आयात में लगभग 6% और पीली मटर में 47% की कमी आई है। इस कमी के कारण आने वाले महीनों में दालों की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू उत्पादन में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई तो बाजार में दालों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इस वर्ष मानसून और फसल उत्पादन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यदि उत्पादन कमजोर रहा तो सरकार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार के पास फिलहाल बफर स्टॉक मौजूद है, लेकिन लगातार घटते आयात के चलते खुदरा बाजार में दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Advertisement
In-Article Ad
दालों की कीमतों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं को खाद्य महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि दालों की कीमतों में वृद्धि से खाद्य महंगाई बढ़ेगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




