बंगाल में जगन्नाथ मंदिर का नाम बदला, ओडिशा की आपत्ति का असर
बंगाल में मंदिर का नाम क्यों बदला? ओडिशा के मुख्यमंत्री ने की थी सुवेंदु अधिकारी से शिकायत

Image: News 18 Hindi
बंगाल में जगन्नाथ मंदिर का नाम 'जगन्नाथ धाम' से बदलकर 'जगन्नाथ मंदिर' किया गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने इस नाम पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। यह कदम दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- 01ममता बनर्जी के समय में बंगाल में जगन्नाथ धाम का निर्माण किया गया था।
- 02ओडिशा के मुख्यमंत्री ने नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि धाम केवल चार हैं।
- 03भाजपा सांसद संबित पात्रा ने ओडिशा सरकार का पत्र बंगाल के मुख्यमंत्री को सौंपा।
- 04धाम शब्द हटाने का निर्णय ओडिशा के धार्मिक संगठनों और संतों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
- 05यह विवाद धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ था।
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बंगाल में जगन्नाथ मंदिर का नाम 'जगन्नाथ धाम' से बदलकर 'जगन्नाथ मंदिर' करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम ओडिशा के मुख्यमंत्री द्वारा की गई आपत्ति के बाद उठाया गया। उन्होंने कहा था कि 'धाम' केवल चार स्थानों के लिए है, जिनमें से एक पुरी है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने ओडिशा सरकार का पत्र लेकर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। ओडिशा के धार्मिक संगठनों और संतों ने इस नाम को लेकर आपत्ति जताई थी, क्योंकि यह धार्मिक परंपरा के खिलाफ था। इस बदलाव को ओडिशा सरकार और जगन्नाथ भक्तों की बड़ी जीत माना जा रहा है। इससे दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
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इस निर्णय से ओडिशा और बंगाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करने में मदद मिलेगी।
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